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भाजपा ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही, महिला आरक्षण पर धरना दिखावा: मुख्यमंत्री सुक्खू



➤ महिला आरक्षण बिल पर भाजपा का धरना “राजनीतिक स्टंट” करार
➤ आरडीजी बंद होने और आपदा के समय भाजपा की चुप्पी पर उठाए सवाल
➤ आईजीएमसी में ओपीडी शिफ्ट से महिलाओं को बेहतर इलाज का दावा


शिमला: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा द्वारा किए जा रहे धरना-प्रदर्शन पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा केवल राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम कर रही है और जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटका रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में ही पास हो चुका है और उस समय कांग्रेस ने इसका पूरा समर्थन किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बिल भाजपा सरकार के दौरान पारित हुआ, तो उसे अब तक लागू क्यों नहीं किया गया। भाजपा अब डीलिमिटेशन और सीटें बढ़ाने की बात कर रही है, जो उनकी मंशा पर सवाल खड़ा करता है।

सुक्खू ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि आपदा के समय, आरडीजी बंद होने पर या केंद्र से घोषित 1500 करोड़ रुपये लाने के लिए भाजपा ने कभी धरना नहीं दिया। इससे साफ है कि भाजपा केवल मुद्दों को भुनाने की राजनीति कर रही है।

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ धर्मशाला में दी गई शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस इससे डरने वाली नहीं है और पूरा संगठन खरगे के साथ खड़ा है।

कमला नेहरू अस्पताल से गायनी ओपीडी को आईजीएमसी शिफ्ट करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईजीएमसी में महिलाओं को अधिक बेहतर इलाज मिलेगा और इस मुद्दे पर आंदोलन करना उचित नहीं है।